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गुजरात से 200 मील दूर हुआ जहाज पर ड्रोन अटैक, भारतीय नौसेना को किया गया तैनात 

सऊदी से भारत आ रहा इजरायली जहाज पर अचानक से ड्रोन अटैक कर दिया गया। भारतीय  नौसेना के अनुसार इस जहाज पर भारत के 20 लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह इजरायली जहाज है जो बेंगलुरु शहर आ रहा था। हालांकि ड्रोन अटैक में अभी तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है। भारतीय नौसेना को जहाज लाने के लिए भेज दिया गया है।

20 भारतीय जहाज में फंसे

लगभग 20 भारतीय जहाज में ड्रोन एक्ट अटैक के वक्त मौजूद थे। अभी भी वे लोग भारत नहीं पहुंचे हैं परंतु जल्द ही वह भारत आएंगे। इसके अलावा जहाज में आज भी लगी थी परंतु तुरंत ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि ड्रोन अटैक किसने किया है इसके बारे में कोई प्रमाणिक जानकारी नहीं आई है। ऐसा कहा जा रहा है कि यह अटैक हुती के द्वारा किया गया है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह ईरान की तरफ से अटैक भी हो सकता है। अभी तक प्रमाणिक जानकारी मौजूद नहीं हुई है।

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यह जहाज अटैक लगभग गुजरात से 200 मील दूर हुआ है। यह भारत के व्यापारिक जॉन के बहुत ही पास है। माना जा रहा है कि व्यापारिक जॉन कितने पास होने के कारण यह हमारे लिए चिंता का विषय है। यह इंडिया के डिफेंस सिक्योरिटी के लिए खतरा माना जा रहा है। हालांकि इससे पहले भी लाल सागर में इजरायल के जहाज पर लगातार अटैक देखने को मिला है। 

भारत ने भेजा लड़ाकू जहाज 

हमले होते हैं तुरंत भारतीय नौसेना को कब्र हो गई। खबर होते हैं तुरंत एक्शन लिया गया और खबर की जांच जारी है। हालांकि भारतीय नौसेना ने लड़ाकू जहाज को भेज दिया है। लड़ाकू जहाज जल्द ही शिप को लेकर भारत पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि 25 दिसंबर शाम तक यह भारत के तट पर मौजूद होगा। बड़ी चिंता यह बताई जा रही है कि यह भारत के बॉर्डर के काफी नजदीक हमला हुआ है, जिस कारण यह चिंता का विषय है। जय इलाका भारत के एक्सक्लूसिव इकोनामिक जोन के बहुत नजदीक पड़ता है। 

भारतीय नौसेना ने किया ट्रैक 

खबर के मिलते ही भारतीय नौसेना ने इस ट्रैक किया। तुलसीपुर लगभग 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि ड्रोन हमले के बाद जहाज ने अपने स्वचालित पहचान प्रणाली को बंद कर दिया जिस कारण जहाज को ट्रैक करने में सहायता मिल सकती है। जहाज की बिजली उत्पादन अब काम कर रही है और अपनी गंतव्य के लिए वह रवाना भी हो चुकी है और इसकी अधिक जांच अभी जारी है। इसका असर भारत के समुद्री व्यापार पर भी हो सकता है। बताया जा रहा है कि लाल सागर और अरब सागर क्षेत्र में तनाव का मौसम बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तनाव की वजह से भारत का लगभग 20% व्यापार प्रभावित हो रहा है। 

नवंबर में भी हुआ था अटैक 

इसी प्रकार का एक और अटैक नवंबर माह में भी इजरायली जहाज पर देखा गया था। माना जा रहा है कि जिसने भी हमला किया है वह इसराइल के जहाज प्रमाणित होने पर ही उसे पर हमला करता है। व्यापार प्रभावित होने के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। लाल सागर के माध्यम से भारत को रूस से तेल भी मिलता है। परंतु अब देरी से लागत काफी हद तक प्रभावित होने लगी है। हम लोग के कारण 100 से अधिक कंटेनर जहां जो को पहले ही अफ्रीका की ओर मोड़ दिया गया है, इसका असर एशिया से यूरोप तक की ओर औसत यात्रा में लगभग 6000 समुद्री मील  की दूरी जुड़ी गई है। जिस कारण पहले ही $5 प्रति बैरल तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है।

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