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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदी में की तमिल की जनता से बात, पहली बार भाषण में किया गया AI का इस्तेमाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा वडक्कम तमिलनाडु। आज यहां पर जो लोग तमिलनाडु से आए हैं, मैं उन्हें पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक के इस्तेमाल के दौरान ईयर फोन लगाने की अनुरोध करता हूं।

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काशी में दिया गया भाषण 

काशी पहुंचे प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके पहली बार भाषण दिया। यह पहली बार था जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा ट्रांसलेशन सिस्टम से भाषण दिया गया। रविवार को उन्होंने ट्रांसलेशन सिस्टम भाषीणि  जरिए सभा में पहुंची तमिल जनता से सीधा संवाद किया। भारत सरकार ने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन एवं दूसरे दिन काशी तमिल संगम कार्यक्रम की शुरुआत की। भाषण के दौरान उन्होंने हिंदी में भाषण दिया और एयर फोन के द्वारा उन्हें तमिल में भाषण सुनाई दिया।

हिंदी में दिया गया था भाषण

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरुआत में ही तमिल जनता से ईयर फोन लगाने का अनुरोध करते हैं। भूषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा हर हर महादेव  काशी। फिर उन्होंने वडक्कम तमिलनाडु कहा। उन्होंने कहा कि जो लोग तमिलनाडु आए हैं, मैं उन लोगों का हार्दिक स्वागत करता हूं। उन लोगों को पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष उपकरण, के इस्तेमाल के दौरान एयरफोन लगाने का अनुरोध करता हूं। बीच में एक बार फिर से जनता से पुष्टि की। 

पुष्टि करने के दौरान उन्होंने कहा क्या यह ठीक है? तमिलनाडु के मेरे मित्रों क्या यह ठीक है? क्या आप इसका लुफ्त उठा पा रहे हैं? यह मेरा पहला अनुभव है। फिर उन्होंने कहा कि भविष्य में मैं इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल जरूर करूंगा। आपको मुझे प्रतिक्रिया देनी होगी और अब मैं हिंदी में बात करूंगा यह तमिल में जवाब देने में मेरी मदद करेगा।

क्या है भाषिणी?

बढ़ती हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग में, भाषिणी एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रांसलेशन का अनुवाद सिस्टम है। इस सिस्टम के द्वारा कोई भी व्यक्ति अपनी भाषा में बात कर सकता है लेकिन सुनने वाले इसे भारत के अन्य भाषाओं में भी आसानी से समझ सकते हैं। यह ऑटोमेटिक हेडफोन के द्वारा कानों में लगते ही भाषा को ट्रांसलेट कर देता है। हालांकि यहां एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। इस ऐप में भाषा दान नाम की भी सुविधा है जिसके जरिए यूजर आसानी से सिस्टम में अपना योगदान कर सकते हैं और इसमें अपने रिव्यू को भी दे सकते हैं।

भाषिणी का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मंच से कहा, तमिलनाडु से काशी आने का मतलब है महादेव के एक घर से उनके दूसरे घर आना! तमिलनाडु से काशी आने का मतलब है मदुरई मीनाक्षी के यहां से काशी विशाल लक्ष्मी के यहां आना। इसलिए तमिलनाडु और काशी वासियों के बीच में हृदय का जो संबंध है वह अतुलनीय प्रेम है। वह अलग भी है और अद्वितीय भी है। इस कारण मुझे विश्वास है कि काशी के लोग आप सभी की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ रहे होंगे।

कैसे कर सकते हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल?

इसका इस्तेमाल आसानी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा किया जा सकता है, यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों सिस्टम में आसानी से कार्यरत है। काशी में की जा रही ट्रांसलेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से टेक्नोलॉजी का नया प्रयोग भी हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह एक नई शुरुआत है और उम्मीद है कि इससे आप तक मेरी बात पहुंचाना और भी आसान हुआ है। भविष्य में यह हमारी और कई प्रकार से मदद करने में सक्षम हो ऐसी में कामना करता हूं।

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