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मालदीव के राष्ट्रपति फंसे चक्रव्यूह में, भारत के साथ पंगा लेना पड़ गया मालदीव को महंगा

मालदीव के विपक्षी दल के नेता अली अजीब ने कहा कि मालदीव कभी भी अपने विदेशी नीतियों की वजह से पड़ोसियों को अलग-अलग करने की कोशिश नहीं करता है। मालदीव के राष्ट्रपति की परेशानी लगातार बढ़ते जा रही है। पहले उनके द्वारा फिर उनकी पार्टी के द्वारा भारत का विरोध करना महंगा पड़ता जा रहा है। उनके पार्टी के कार्यकर्ता की विरोधी बयान की वजह से पहले ही मालदीव का काफी नुकसान हो चुका है। 

मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

भारत और मालदीव के बीच बढ़ रहे तनाव की वजह से राष्ट्रपति की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। भारत विद्रोही बयानों की वजह से अब खुद के देश में आलू चुनाव के सामना करना पड़ रहा है। कहां जा रहा है कि मालदीव के राष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने की बात कहीं जा रही है। मालदीव के संसदीय अल्पसंख्यक नेता अली अजीम ने अपने बयान में पड़ोसी मुल्क से अलग-अलग न करने की बात कही है। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने की मुहिम भी छेड़ दी है। विपक्षी दल के नेता अली अजीब ने कहा है कि मालदीव के लिए उसकी विदेशी नीति मायने रखती है।

उनके द्वारा कहा गया कि हम अपने पड़ोसी देशों के साथ स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और हम कभी भी नहीं चाहेंगे कि कोई भी पड़ोसी देश हमारे विदेशी नीति की वजह से अलग-थलग पड़ा रहे। उनके द्वारा पार्टी के अन्य नेताओं से अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा की गई।

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चीन ने दिया अपना बयान

हाल ही में बढ़ रहे भारत और मालदीव के बीच तनाव पर चीन ने भी अपना बयान दिया है। चीन के द्वारा दिया गया बयान किसी प्रवचन से काम नहीं। उसने कहा कि भारत को मालदीव के प्रति थोड़ा खुले दिल से पेश आना चाहिए। साथ ही चीन ने कहा है कि उसने मालदीव से कभी नहीं कहा है कि वह भारत का बहिष्कार करें। इसी के साथ चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने अपने आर्टिकल में लिखा है कि हम मालदीव्स और भारत के बीच मैत्रीपूर्ण और सहयोगी संबंधों का सम्मान करते हैं। 

हम भारत से अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं और बीजिंग ने कभी भी वाले को चीन और भारत के बीच संघर्षों की वजह से नई दिल्ली को स्वीकार करने के लिए नहीं कहा है। और ना ही मालदीव और भारत के बीच सहयोग को अपने लिए खतरे के तौर पर देखा है। इस प्रकार चीन ने अपना बयान दिया है। हालांकि चीन के द्वारा दिया गया बयान का झुकाव मालदीव की तरफ अधिक है।

मालदीव्स के राष्ट्रपति बना रहे भारत दौरे की योजना

कुछ मीडिया रिपोर्ट का यह भी दावा है कि मालदीव के राष्ट्रपति भारत दौरे की योजना बना रहे हैं। वह जल्द ही भारत में द्वारा करते हैं देख सकते हैं। हालांकि इसके लिए अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है और उनका मानना है कि भारत और मालदीव के तनाव के बीच कुछ संबंधों को बेहतर बनाने के लिए भारत दौरा कर सकते हैं। अपोजिशन पार्टी का लीडर ने अपने बयान को दिया है और साथ ही मालदीव में आंतरिक बहस चढ़ गई है। आंतरिक मतभेद की वजह से कई प्रकार के अलग-अलग बयान देखने को मिल रहे हैं।

बॉयकॉट मालदीव्स के ट्वीट हुए ट्रेंड 

मालदीव के मंत्री के द्वारा दिए गए बयान के वजह से मालदीव और भारत के बीच तनाव का माहौल बन गया है। और इसी तनाव के माहौल के कारण भारत के लोग अब लक्षद्वीप घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं। हजारों लोग अब तक  मालदीव्स हॉलीडे प्लान कैंसिल कर चुके हैं। लोग अब स्वदेशी टूरिज्म और आत्मनिर्भर भारत की बात कर रहे हैं। हालांकि अधिक दिन तक इस तरह की कैंसिल की वजह से मालदीव को अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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