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AI Climate Change को रोक देगा, जानिए खास बातें 

IBM और NASA मिलकर ऐसी तकनीक तैयार कर रहे हैं, जिसमें AI सहायता से किसी भी प्रकार के क्लाइमेट चेंज, आंधी तूफान, सुखा या अकाल जैसी स्थिति में पहले ही आगाह कर दिया जाएगा। मौसम विभाग से काफी पहले मौसम का अनुमान लगा पाएंगे। 

क्लाइमेट चेंज का अनुमान 

आज से करीब 50 से 60 वर्ष पहले मौसम विभाग के द्वारा कुछ समय पहले, वीडियो यार किसी अन्य दूरसंचार माध्यम से मौसम की जानकारी कुछ दिनों पहले दी जाती थी। परंतु अब कुछ ऐसी तकनीके तैयार की गई है जिससे 4 से 5 दिनों पहले मौसम विभाग के द्वारा मौसम की जानकारी दे दी जाती है। परंतु इसमें भी कई प्रकार की समस्याएं आ रही थी जैसे कि लोग तो वहां से विस्थापित हो जाते थे, परंतु वहां पर बन गई चीजों को विस्थापित नहीं किया जा सकता था। यदि वहां पर किसी ने निवेश किया है या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर है तो उनको हटाना काफी मुश्किल कार्य है। 

अधिकतर केशव में किसी भी जगह के इंफ्रास्ट्रक्चर को हटाना नामुमकिन होता है। लेकिन अगर क्या हो कि हमें 5- 6 महीना पहले ही मौसम का अनुमान लग जाए कि आगे आने वाले समय में कैसा मौसम रहने वाला है। यदि इसका अनुमान लग जाए तो बहुत बड़े इन्वेस्टमेंट को लगने से बचाया जा सकता है एवं बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट को रोका जा सकता है। मौसम के अनुमान से किसानों को सबसे बड़ा फायदा मिल सकता है। 

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COP 28 से की गई शुरुआत 

इस सम्मेलन में एक ऐसा डिसीजन लिया गया है, जिसमें सबने मिलकर कहा है कि हम ऐसा AI बनाएंगे। यह पूरे अर्थ के मौसम को समझने की कोशिश करेगा। यह तूफानों और क्लाइमेट चेंज के बीच के कनेक्शन को समझने की कोशिश करेगा। यह तूफानों और पानी के या अन्य चीजों के कनेक्शन को समझने की कोशिश करेगा और अपनी भविष्यवाणी करेगा। हालांकि इसकी शुरुआत अभी तक नहीं की गई है, परंतु जल्द ही इसकी शुरुआत देखने को मिल सकती है। 

NASA करेगा तैयार 

NASA अपने द्वारा किए गए सभी प्रकार की जानकारी को इकट्ठा करके आईबीएम को पहुंचाएगी। जैसा कि बाकी आई का काम होता है उसी प्रकार ही मशीन लर्निंग के द्वारा आईबीएम भी पूरी तरह प्रिपेयर किया जाएगा। सभी प्रकार की जानकारियां को लेने के बाद आईबीएम भविष्यवाणी करेगा। हालांकि शुरुआत में कुछ भविष्यवाणी गलत हो सकती है परंतु लगातार सुधार के बाद हम इसमें कभी प्रकार की सटीक चीजों को देखने में समर्थ होंगे। मौसम के बारे में और अन्य चीजों के बारे में भी यह प्रेडिक्शन करने में समर्थ होगा।

आईबीएम के डायरेक्टर ने बताया कि इसका सबसे बड़ा फायदा हमारे घरों को होगा। यदि कोई व्यक्ति पहले किसी भी स्थान पर इन्वेस्टमेंट करने के लिए सोच रहा है या घर बनाने के लिए सोच रहा है। वह उसे स्थान के क्लाइमेट को इसके द्वारा आसानी से जांच कर पाएगा। जिसे बहुत बड़े इनवेस्टमेंट करूंगा जा सकता है। 

किसानों को होगा फायदा 

इसका सबसे बड़ा फायदा हमें किसान भाइयों के लिए देखने को मिल सकता है। हालांकि हमें मौसम विभाग के द्वारा पहले ही सूचित किया जाता है कि इस वर्ष अकाल पड़ सकता है या फिर मानसून आ सकता है। परंतु मौसम विभाग भी सटीक जानकारी देने में असमर्थ रहता है कि कहां-कहां कितनी बारिश होगी और कब तक मानसून रहेगा। किस लेवल के बारिश होगी और किस प्रकार के बारिश होगी। यदि बारिश अधिक होने वाली है और फसल के नुकसान होने वाले हैं तो किस पहले ही सतर्क हो सकता है। जिससे किसान अच्छी फसल उगा पाएंगे और उनका काफी पैसा बचेगा। 

 

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