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Elon Musk की कंपनी Starlink को भारत में लॉन्च करने से संबंधित आया एक बड़ा अपडेट, जानिए पूरी खबर

 Elon Musk की मशहूर कंपनी स्टरलिंक दुनिया भर में सस्ते और बेहतरीन सैटेलाइट प्रोवाइडर के रूप में जाने जाते हैं। ऑफिशल्स के मुताबिक Elon Musk की सेटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस भारत में जल्द ही लॉन्च की जा सकती है। अपडेट है कि कंपनी ने भारत में अपनी सर्विस शुरू करने के लिए पिछले महीने टेलीकॉम डिपार्टमेंट में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। टेलीकॉम डिपार्टमेंट अगले महीने लाइसेंस आवेदन पर विचार कर सकता है और जल्द ही इसकी लॉन्च भारत में देखने को मिल सकती है।

Starlink को जल्द मिल सकता है लाइसेंस 

ऑफिशल्स के अनुसार स्टरलिंक जो की एलोन मस्क की सेटेलाइट प्रोवाइडर कंपनी है। उसे जल्द ही लाइसेंस मिल सकता है। इससे पहले भी एलोन मस्क की सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस कंपनी स्टार लिंक को लाइसेंस लेने के लिए 2021 में आवेदन किया गया था। परंतु कुछ कमियों के कारण उसे आवेदन को रद्द कर दिया गया था। सभी कर्मियों को दूर करके दोबारा आवेदन किया गया है और समझौता इस बार कंपनी को लाइसेंस जल्दी मिल सकता है। 

स्टार्लिंक की मूल कंपनी स्पेस एक ने पिछले साल  संचार विभाग यूनिट टेलीकॉम सेक्टर में ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन सेटेलाइट के लिए लाइसेंस का आवेदन किया था। परंतु कुछ कर्मियों की वजह से आवेदन पास नहीं हो पाया था। मीडिया रिपोर्ट की माने तो स्टर्लिंग को लाइसेंस देने के लिए ड्यूटी अधिकारी 20 सितंबर को बैठक कर सकते हैं। हालांकि दूरसंचार विभाग ने एक अधिकारी ने बताया है कि कंपनी को लाइसेंस मिलने के लिए आवेदन किया जा चुका है, और आवेदन पर विचार किया जा सकता है।

लंबे समय का इंतजार अब होगा खत्म

भारत में लाइसेंस लेने के लिए स्टार्लिंक काफी लंबे समय से प्रयास कर रही है। हालांकि यह कंपनी दुनिया भर में 32 देश में अपने सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करवा रही है। माना जा रहा है कि कंपनी पिछले लंबे समय से भारत में एंट्री करने की कोशिश कर रही है। परंतु कुछ प्रॉब्लम्स के कारण एंट्री नहीं हो पा रही है।

एक बार हो चुका है आवेदन कैंसिल

इससे पहले भी 2021 में एलोन मस्क की कंपनी स्टार्लिंक ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। साथ ही बिना लाइसेंस हासिल किया प्रीऑर्डर लेने शुरू कर दिए थे। परंतु कंपनी को दूरसंचार विभाग से फटकार भी लगी थी और वार्निंग दिया गया था। इसके साथ ही कंपनी को फ्री ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को पूरा पैसा लौटाना पड़ा था। 

अन्य टेलीकॉम कंपनी भी कर रही है तैयारी

स्टार्लिंक जैसे बड़े टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर की वजह से देश में मौजूद पहले से खड़ी कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। एयरटेल ने सैटेलाइट सर्विस के लिए वन वेब के साथ मिलकर काम कर रही है। एयरटेल और जिओ भी तैयारी कर रहे हैं। कंपनी को लाइसेंस भी मिल चुका है जो अब वन वेब के नाम से चल रही है। हालांकि इसी के साथ ही मीडिया में खबरें है कि जिओ के स्वामित्व वाले भी जिओ स्पेस टेक्नोलॉजी को गमपीसीएस लाइसेंस मिल चुका है।

इसके अलावा कोई अन्य बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। स्टार्लिंक कंपनी को लाइसेंस के अलावा टेलीकॉम डिपार्टमेंट देश में जल्द ही ओटीटी एप्स को लाइसेंसिंग नियमों के तहत लाने का भी विचार कर रहा है। जिसमें कई अन्य अप के भी काम और दूसरी इंटरनेट पर काम करने वाली वॉइस और मैसेजिंग प्लेटफार्म शामिल है। जिस कारण इंटरनेट बेस्ड वॉइस और मैसेजिंग प्लेटफार्म को लाइसेंस के बारे में रखा गया है। 

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