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जेफ बेजॉस बनवा रहे हैं 10000 साल तक चलने वाली घड़ी, 340 करोड़ की आएगी खर्च

अमेरिका के मशहूर बिजनेसमैन जैफ बेजॉस बनवा रहे हैं दुनिया की सबसे ज्यादा समय तक चलने वाली घड़ी। इसक निर्माण अमेरिका के वेस्ट टैक्सास में निर्माण की जा रही है। यह दुनिया के सबसे बड़ी घड़ी होगी जो साल में एक बार ही टीक करेगी। इसे अमेरिका के टेक्सास शहर में एक पहाड़ी के अंदर बनाया जा रहा है.

दुनिया की सबसे बड़ी घड़ी 

अमेरिका में बनाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़ी घड़ी में से एक का निर्माण शुरू हो चुका है। इसे बनाने में कुल 340 करोड रुपए तक की लागत आएगी। कहां जा रहा है कि घड़ी का आकार करीब 500 फिट होगा, यह अपने विशालता को दिखाती हुई साल में एक बार ही टीक करेगी। अगले 10 हजार सालों में यह घड़ी कभी नहीं रुकेगी, अमेरिका के बेस्ट टेक्सास में एक पहाड़ी के अंदर यह घड़ी का काम पूरा किया जा रहा है।

jeff bezos spends over rs 349 crore to build a clock 1

42 मिलियन डॉलर का कुल खर्च

कहां जा रहा है कि घड़ी को बनाने में लगभग 42 मिलियन डॉलर की लागत आई है। अमेरिका के कुछ मशहूर रिपोर्टर के अनुसार यह घड़ी का आईडिया 1995 में कंप्यूटर वैज्ञानिक और आविष्कारक धनी हिल्स ने प्रस्तावित किया था। उनके अनुसार ही ऐसी कल्पना की गई थी और ऐसा कहा गया था कि घड़ी ऐसी होगी जो साल में एक बार ही संकेत देगी, जहां शताब्दी का कांटा हर 100 साल में एक बार आगे बढ़ता हो और सहस्राबादी पर कोयल की आवाज आती हो। उनके अनुमान के अनुसार इस घड़ी का काम शुरू हो चुका है।

अमेरिकी वैज्ञानिक डैनी हिल का सपना होगा पूरा

अमेरिकी वैज्ञानिक धनी हिल का एक सपना था, वह एक ऐसी घड़ी बनाना चाहते थे जो अगले 10000 सालों तक का समय बताएं। उनके इस आईडिया के बाद कल 10000 सालों तक का समय बताए जाने वाली घड़ी बनने जा रही है। दर्शकों के बाद अब उनका सपना पूरा होने वाला है और घड़ी की अंतिम डिजाइन भी पूरी हो चुकी है। मुख्य तत्व के अनुसार घड़ी के हिस्से बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। पूरी तरह से बनाने के बाद में घड़ी को सही स्थान पर ले जाकर असेंबल किया जाएगा। 

कैसे चलेगी यह घड़ी?

यह घड़ी पृथ्वी की थर्मल साइकिल के अनुसार संचालित होगी। जिसे मुख्यतः एस्ट्रोनॉमिक और कलैंडररिक डिस्प्ले के साथ समय को चिन्हित करने के लिए डिजाइन किया गया है। घड़ी को दीर्घकाली के सोच का प्रतीक माना गया है। कार्यरत इंजीनियर के 1 साल, 10 साल, 100 साल और हजार साल की सालगिरह हो के लिए चार कमरे के आकार के सालगिरह कक्ष भी बनाए गए हैं। हालांकि देखने वाले टूरिस्ट और विजिटर के लिए कमरे तक पहुंचना इतना आसान नहीं होगा। घड़ी को चलाने का कार्य पूरी तरह थर्मल साइकिल के द्वारा किया जाएगा, जिसे वैज्ञानिक तकनीक से लेस मशीनों के द्वारा तैयार किया जाएगा। 

किस प्रकार जा सकेंगे टूरिस्ट

हालांकि घड़ी का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जा रहा है जो कि पहाड़ों के बीच में स्थित है। घड़ी के निर्माण किए जाने के बाद भी विजिटर और टूरिस्ट का पहुंचना इतना आसान नहीं होगा। वहां पहुंचने के लिए उन्हें कई घंटे का सफर तय करना पड़ेगा जो की बिल्कुल भी आरामदायक नहीं होगा। विज्ञान के चमत्कार को देखने के लिए हालांकि विश्व के कई शहर से लोग आएंगे। कहां जा रहा है की घड़ी बनाने का कार्य बहुत ही जल्द पूरा होगा। असेंबल करने के तुरंत ही पक्ष इसका इनॉगरेशन का कार्य किया जाएगा। 

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