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क्लाउड प्रोजेक्ट पर रैंसमवेयर हमले के बाद HCLTech का शेयर प्राइस गिरा 

1 दिसंबर को आईटी सेवा क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, ने शेयरों की नीलामी में 500.20 रुपये की स्थिरता दर्ज की| कंपनी ने एक बयान में बताया कि उन्हें अपनी किसी एक्सपेरिमेंट के दौरान क्लाउड सेवा में रैंसमवेयर की घटना का सामना करना पड़ा है। इस घटना के बावजूद, उन्होंने स्टॉक एक्सचेंज में फाइलिंग की जिसमें यह बताया गया कि इसका कोई बड़ा प्रभाव नहीं हुआ है। साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण को लेकर कंपनी पहले  से भी ज्यादा ध्यान दे रही है । वे इस घटना की जांच कर रहे हैं और संभावित उपायों की खोज में हैं, ताकि उनका cloud-based system सुरक्षित रह सकें।

19 दिसंबर को Kotak institutional equities ने HCL Technologies की रेटिंग में कमी की घोषणा की है, जिससे उसकी रेटिंग ‘Buy’ से ‘add’ में डाउनग्रेड हो गई है। ब्रोकरेज फर्म ने अधिक लाभ की सीमित क्षमता के कारण यह निर्णय लिया है। पिछले हफ्ते, एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने भारतीय बाजार में 4 लाख करोड़ रुपये के मार्केट-कैप के साथ सॉफ्टवेयर-सेवा निर्यातकों के वर्ग में प्रवेश किया।

इसके साथ ही, HCL Technologies ने ऑस्ट्रेलिया के Department of Transport and Planning in Victoria से एक contract हासिल किया है| इस  contract के अंतर्गत  development and support of a Concessions Entitlement Validation Platform (CEVP) करना शामिल है|यह डिपार्टमेंट concession entitlement process को स्वचालित करने का काम करता है और कंसेशन entitlement के लिए आवेदन करने और प्रबंधन के लिए passenger interface प्रदान करता है। इसके अलावा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने अपने चालू वित्त वर्ष के लिए वित्तीय पूर्वानुमान में कटौती की घोषणा की है और वर्ष 2024 के लिए 4 प्रतिशत से 5 प्रतिशत की सीमा में वृद्धि की उम्मीद है।

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