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अब भारत भी करेगा पेट्रोलियम का उत्पादन, ONGC ने शुरू की गोदावरी बेसिन में तेल का उत्पादन

कृष्णा गोदावरी बेसिन में तेल का उत्पादन के लिए कई समय पहले से बात चल रही थी। भारतीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया है कि सरकारी कंपनी ऑयल ऐंड  नेचुरल गैस जल्द ही कृष्णा गोदावरी बेसिंग में गहरे पानी में कच्चा तेल का उत्पादन शुरू कर रही है। अब भारत में तेल के जरूरत को पूरा करने के लिए करेगी काम।

कृष्णा गोदावरी बेसिन में है पेट्रोलियम का भंडार

बहुत समय पहले से कृष्णा नदी के बेसिन में तेल निकालने का प्रोजेक्ट चल रहा है। लेकिन कई कारणों की वजह से तेल निकालने का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। ओएनजीसी कंपनी के द्वारा तेल निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि वैश्विक महामारी और कई परेशानियों की वजह से प्रोजेक्ट के काम में थोड़ी देरी हुई है लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में कृष्ण बेसिन से तेल का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। बंगाल की खाड़ी में कृष्णा नदी के बेसिन में ब्लॉक में पहली बार तेल का उत्पादन शुरू कर दिया गया है और यह भारत के पेट्रोलियम जरूरत को पूरा करने में कार्य करेगा।

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कहां से निकाला जा रहा है तेल

कृष्णा गोदावरी बेसिन में बंगाल की खाड़ी में कृष्णा नदी के पास बने ब्लॉक में पहली बार तेल निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कृष्णा गोदावरी बेसिन के जी प्रोजेक्ट से तेल निकालने का कार्य किया जा रहा है, वह बंगाल की खाड़ी के डेल्टा का हिस्सा है और आंध्र प्रदेश की सीमा को भी छूटा है। आंध्र प्रदेश की सीमा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है। हालांकि इस पूरे ब्लॉक को तीन प्लैटर में बांटा गया है। 

हाल ही में शुरू हुए काम क्लस्टर दो में तेल का उत्पादन शुरू किया गया है। जिसमें क्लस्टर दो से तेल उत्पादन नवंबर 2021 तक शुरू होना था लेकिन वैश्विक महामारी और कई प्रोजेक्ट के कारण इस प्रोजेक्ट में देरी हुई है। इस प्रकार भारत में तेल के निर्भरता को काम कर दिया जा सकता है। हालांकि देश को एनर्जी में आत्मनिर्भर भरने की आवश्यकता है और यह एक हम निर्णय साबित होने जा रहा है।

क्या है प्रोजेक्ट का उद्देश्य

देश में शुरू हुए पेट्रोलियम उत्पादन का उद्देश्य दूसरे देश पर तेल की निर्भरता को कम करना है। लकी इसको लेकर पहले भी कोई कदम उठाए गए हैं और अब इस प्रोजेक्ट से देश के मौजूदा तेल उत्पादन का 7% और प्राकृतिक गैस का 7% उत्पादन किया जाएगा। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को लेकर कच्चे तेल का उत्पादन 8000-9000 बैरल किया जाएगा और तीन चार कों से तेल का उत्पादन किया जाएगा। हालांकि यहां से 45000 बैरल कच्चा तेल हर दिन मिलने की उम्मीद की जा रही है। साथ ही 10 मिलियन क्यूबिक मीटर से ज्यादा प्राकृतिक गैस भी हर दिन यहां से निकाला जा सकता है। हालांकि अभी तक इसमें कुछ साल का वक्त और लगने की संभावना है।

कहां होगा तेल का जांच

कच्चे तेल का उत्पादन शुरू किया जा चुका है और ओएनजीसी कंपनी बेंगलुरु रिफायनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड में भेजी जाएगी। जहां पर तेल के गुणवत्ता की जांच की जाएगी और उसका ग्रेडिंग किया जाएगा। रीडिंग करने के बाद तेल को प्यूरिफाई करके दूसरे जगह में भेज दिया जाएगा। हालांकि तेल के उत्पादन से दूसरे देशों से कई प्रकार के निर्भरता को काम किया जा सकता है और साथ ही भारत को आत्मनिर्भर पर भरने में काफी हद तक सहायता मिलेगी। आगे आने वाले समय में तेल का उत्पादन और बढ़ाया जा सकता है और इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर भी कई न्यूज़ देखने को मिल सकते हैं।

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